FARIDABAD

‘थ्योरी मॉडल’ रिसर्च को देता है सुनिश्चित दिशा: डॉ. ज्योति राणा 
(Yogesh Gautam) Dainikkhabre.com Wednesday,11 July , 2018)

Faridabad News, 11 July 2018 : फाउंडेशन फॉर मैनेजमैंट एण्ड ट्रेनिंग द्वारा आयोजित रिसर्च कार्यशाला में ‘लिट्रेचर रिव्यू’ एवं ‘थ्योरी मॉडल’ बनाने के तरीके बताए गए। फाउंडेशन की चेयरमैन डॉ. ज्योति राणा जोकि कार्यशाला की मुख्य वक्ता भी थी, उन्होंने बताया कि पीएच.डी. एवं रिसर्च पेपर लिखते समय पहले से किए गए शोध का मूल्यांकन एवं शोध करने से पहले एक ‘थ्योरी मॉडल’ को तैयार करना बहुत महत्वपूर्ण है। 
डॉ. ज्योति राणा सैक्टर-21 स्थित होटल पार्क प्लॉजा में 35 शिक्षाविदों को संबोधित कर रही थीं।  उन्होंने कहा कि पहले से की गई रिसर्च का मूल्यांकन, रिसर्चर को उसके द्वारा की जाने वाली रिसर्च का मार्ग बताता है एवं किस क्षेत्र में शोध नहीं हुआ, के बारे में भी बताता है।
लिटरेचर रिव्यू से इस बात का भी पता चलता है कि रिसर्च के लिए कौन से विषय व्यर्थ हैं और कौन से अत्यन्त महत्त्वपूर्ण। ‘‘थ्योरी मॉडल’’ रिसर्च करने से पहले बनाना इसलिए आवश्यक है  क्योंकि यह रिसर्चर को उसके कार्य की दिशा प्रदान करता है जिससे रिसर्च में गलती होने की संभावना नहीं रहती है।
डॉ. राणा के अनुसार फांउडेशन ने इस कार्यशाला का आयोजन रिसर्च सम्बन्धित कठिनाइयों एवं रिसर्च में रुचि रखने वाले शिक्षाविदों को ध्यान में रखकर किया गया। अगर रिसर्च पेपर या पी.एच.डी. करने से पहले इन सभी बिन्दुओं को जान लिया जाए तो रिसर्चर भ्रमित नहीं होता है।
डॉ. ज्योति राणा ने बताया रिसर्चर क्या गलतियां करते हैं एवं उनके समाधान क्या हो सकते है। डॉ. ज्योति राणा मैनेजमेंट के ‘ए’ श्रेणी के जर्नल की रिव्यूर हैं एवं उनके रिसर्च पेपर ‘ए’ श्रेणी के जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। वे किलोंज स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, यू॰एस॰ए॰ एवं आई.आई.एम., अहमदाबाद से प्रशिक्षण प्राप्त हैं।
रिसर्च कार्यशाला में 35 प्रतिभागियों ने भाग लिया। उन्हें सर्टीफिकेट भी दिए गए एवं पढ़ने के लिए विषय सामग्री दी गई।

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